Thursday, 11 August 2022

देशभक्ति शायरी देश भक्ति गीत & 15 अगस्त का भाषण (15 August Speech Short speech)

                                                       “अब भी जिसका खून न खौला,

खून नहीं वह पानी है,
देश के काम न आये जो,
बेकार वह जवानी है।”

– चंद्रशेखर आज़ाद  


कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की मान का है,
हम लहराएंगे हर जगह इस तिरंगे को,
हम लहराएंगे हर जगह इस तिरंगे को,
ऐसा नशा ही कुछ हिंदुस्तान की शान का हैं। 


जिसका ताज हिमालय है
जहाँ बहती गंगा है,
जहाँ अनेकता में एकता है
‘सत्यमेव जयते’ जहाँ का नारा है,
जहाँ मजहब भाईचारा है
वो भारत वतन हमारा है…


किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूं,
अपनी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूं,
अपनी छाती से मुझे तू लगा लेना भारत मां,
मुझे अपनी छाती से लगा लेना तू भारत मां,
मैं अपनी मां की बाहों को तरसता छोड़ आया हूं।


वतन हमारा ऐसा है, की कोई छोड़ पाए न,
रिश्ता हमारा ऐसा है, की कोई तोड़ पायें न,
दिल हमारा एक है, एक हमारी जान हे,
हिंदुस्तान हमारा है और हम इसकी शान हैं..


देशभक्तों से ही देश की शान है

देशभक्तों से ही देश का मान है

हम उस देश के फूल हैं यारों

जिस देश का नाम हिंदुस्तान है..

                                           

                                         देश को आज़ाद अंग्रेजों से करवाया था

                                            बहुत लोगों ने अपना लहू बहाया था

                                            देश की आज़ादी को अपना मकसद बनाया था

                                            लोगों ने फांसी को चूम कर सीने से लगाया था


                                                           इस वतन के लिए जान क़ुर्बान है

                                              इस देश में बसती हमारी जान है     

                                              जो शहीद हुए देश की खातिर

                                              उन वीरों पर हमको मान है    

                                             मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
                                                 ये मुल्क मेरी जान है
                                                इसकी रक्षा के लिए
                                            मेरा दिल और जां कुर्बान है।


इस तिरंगे की शान को दिल में

 आबाद रखूंगा..  जाऊं मैं जहां भी,

 प्यारे वतन तुझे याद रखूंगा..  

#माँ तुझे सलाम!

कर जस्बे को बुलंद जवान
तेरे पीछे खड़ी आवाम
हर पत्ते को मार गिरायेंगे
जो हमसे देश बटवायेंगे। 


दे सलामी इस तिरंगे को
जिस से तेरी शान हैं,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका
जब तक दिल में जान हैं..!!



कुछ अलग नशा सा है लहराते

 तिरंगे का हमारे सीने में..  

इसीलिए महसूस नहीं होती

 कोई कमी हमारे जीने में..


कभी तो इन अंधीयारी रातों का सवेरा होगा 

सदीयाँ गुज़री आज़ादी का ख्वाब कब पूरा होगा..  

हम से हैं रौशन ये महफिलें सारी इस वतन की 

हम ना होंगे तो फिर यहाँ दूर तलक अँधेरा होगा..


देखे हैं हमने प्यार करने वाले कई 

मगर वतन से अच्छा सनम कहां..  

पैसों में लिपट कर मौतें कई हुई है

 नसीब में तिरंगे का कफन कहां..


खुदा रखे दूर हुकूमत से, इन कम अकलों को 

देना हैं एक हसीं वतन, हमें अपनी नसलों को.. 

 ये लहलहाती फसलें देती हैं ज़मानत आज़ादी की

 खुदा रखे महफूज़ मेरे वतन की इन फसलों को.

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलसिता हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलसिता हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा


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ग़ुर्बत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में
ग़ुर्बत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में
समझो वहीं हमें भी दिल है जहाँ हमारा


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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा


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परबत वो सबसे ऊँचा, हम्साया आसमाँ का
परबत वो सबसे ऊँचा, हम्साया आसमाँ का
वो संतरी हमारा, वो पासबाँ हमारा


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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा


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गोदी में खेलती हैं इसकी हज़ारों नदियाँ
गोदी में खेलती हैं इसकी हज़ारों नदियाँ
गुल्शन है जिनके दम से, रश्क-ए-जनाँ हमारा


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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा


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ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वह दिन हैं याद तुझको
ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वह दिन हैं याद तुझको
उतरा तेरे किनारे जब कारवाँ हमारा


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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा


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मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम, वतन है हिन्दोस्तां हमारा


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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा


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यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रूमा सब मिट गए जहाँ से
यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रूमा सब मिट गए जहाँ से
अब तक मगर है बाक़ी नाम-ओ-निशाँ हमारा


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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा


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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा


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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा


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इक़्बाल! कोई महरम अपना नहीं जहाँ में
इक़्बाल! कोई महरम अपना नहीं जहाँ में
मालूम क्या किसी को दर्द-ए-निहाँ हमारा


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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हमारा
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा

1


15 अगस्त का भाषण (15 August Speech Short speech)

मुख्य अतिथि, प्रिंसिपल, शिक्षकों और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएँ.

जैसा कि हम सभी जानते है आज हम सभी यहाँ स्वतंत्रता दिवस के खास अवसर पर एकत्रित हुए है. मेरा नाम…….. है. मुझे इस बात की बहुत ख़ुशी है कि मुझे इस अवसर पर बोलने का मौका दिया दिया. आज का दिन हम सभी के लिए बहुत खास है. आज ही के दिन हमारे देश को आज़ादी मिली थी. ये प्रत्येक भारतवासी के लिये सबसे  महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इसी दिन देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने हमें बेहतरीन जीवन देने के लिए अपने प्राणों की कुर्बानी दे दी थी. ये ऐसा खास अवसर है जो हमे उनके द्वारा दिए गये बलिदान को याद दिलाता है. 

 

15 अगस्त भारत के लिए पुन: जन्म का दिन है. यही वह ऐतिहासिक तारीख थी, जिस दिन भारत के पहले प्रधानमंत्री “पंडित जवाहरलाल नेहरू” ने  लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराया था. भारत में ब्रिटिश शासन को समाप्त करने के रूप में भारत के इतिहास में यह दिन सबसे महत्वपूर्ण है.

हम यहाँ बैठकर यह कल्पना भी नहीं कर सकते हैं कि ब्रिटिश शासन से भारत को स्वतंत्रता दिलाना कितना कठिन थी. हमारे पास अपने पूर्वजों के बहुमूल्य परिश्रम और बलिदान के बदले देने के लिए कुछ भी नहीं है. हम केवल उन्हें और उनके कार्यों को याद कर सकते हैं और राष्ट्रीय आयोजनों का जश्न मनाते हुए दिल से सलाम कर सकते हैं. वे हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे.

हमें कल के भारत के अत्यधिक जिम्मेदार और सुशिक्षित नागरिक होने की शपथ लेनी चाहिए. हमें ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाना चाहिए, हमें इसे बुरे लोगों से बचाने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए. यह हमारा दायित्व है कि हम अपने देश को आगे बढ़ाएं और इसे दुनिया का सर्वश्रेष्ठ देश बनाए. लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए और इस लोकतांत्रिक राष्ट्र का सफलतापूर्वक नेतृत्व करना चाहिए.

मैं आप सबका धन्यवाद करता हूँ, जो अपने मुझे इतने ध्यान से सुना

जय हिंद, जय भारत

चूमा था वीरों ने फांसी का फंदा
यूँ ही नहीं मिली थी आजादी खैरात में


2 

Very Good morning to everyone present here.

On 15th August 1947, India got its Independence. Past back in 1947, was on this day that India gained its independence from the United Kingdom and freed itself from the shackles of colonialism. With such toil and tyranny, India fought for its independence for about a decade. Let us all hold our hands together and bow in front of all those heroes who had bravely fought to gift a generation full of freedom.

Today, our mind is without fear and our heads are held high up in the sky. Not only did we free ourselves from colonialism, but we also rejuvenated our Nation and brought India back with a revolution. Our leaders, and their invaluable struggle to free India from the shackles of injustice, had been an inspiration to all of us as an epitome of courage and bravery. The values and the practices that India holds in its ancient culture had been an example set for all of us.

Just flashback and think of those times, when mothers sacrificed their sons, where the country had blood marks engraved on its battlegrounds, where people sacrificed their families, where daughters lost their fathers, where wives were ruthlessly widowed, and where people couldn’t hold their heads high, where people were forced to become slaves of the British, where people of India were treated as untouchables.

India had been so vibrant and so united in itself in spite of the fact that it has such a huge population and democracy, due to which India had spaced up itself in such a position that the whole universe looks back at India as a place where unity exists along with such diversity. India is known as a melting pot of cultures and traditions and the people of India hold a shared equanimity themselves which preserves humanity.

India is an independent nation now. As the preamble of the Indian constitution states itself as a sovereign, secular, and democratic country, it is within our responsibility that we uphold the pillars of virtues in India as a youth. On Independence day, a huge ceremony is held at Rajpath, where the program is commenced with our honourable Prime minister’s hoisting of the Indian Tricolour. It is then followed by a national anthem and tribute is paid to the country and its flag by firing 21 guns. The national anthem is played and flowers are downpoured from the helicopter. A March past show is held and the militants from all the forces put up the parade. In schools, programs are held by the students and flag hoisting is also done.

For years, our courageous heroes fought valiantly to ensure that future generations might live in freedom and dignity. Let’s salute the sacrifices made by freedom fighters and soldiers who made us realize the dream of an independent and unified India. We pay tribute to the heroic personalities.

Justice, liberty, Unity, Equity, and Fraternity…May we weave a better future and embellish it with high hopes, growth, and positivity.

Wishing you all a very happy Independence Day once again… 


3

1947માં 15મી ઓગસ્ટનો દિવસ ભારતના સુવર્ણ ઈતિહાસમાં અંકિત થઈ ગયો છે. આ તે દિવસ છે જ્યારે ભારતને 200 વર્ષના બ્રિટિશ શાસનમાંથી આઝાદી મળી હતી. આ એક કઠિન અને લાંબો સંઘર્ષ હતો જેમાં ઘણા સ્વાતંત્ર્ય સેનાનીઓ અને મહાપુરુષોએ આપણી વહાલી માતૃભૂમિ માટે પોતાના જીવનનું બલિદાન આપ્યું હતું.

15મી ઓગસ્ટને આપણા સ્વતંત્રતા દિવસ તરીકે ઉજવીએ છીએ. તે સમગ્ર દેશમાં રાષ્ટ્રીય રજા તરીકે ઉજવવામાં આવે છે. તે આપણા દેશના ઈતિહાસમાં લાલ અક્ષરનો દિવસ કહેવાય છે.

15મી ઓગસ્ટને ધ્વજવંદન, કૂચ અને સામાજિક કાર્યો સાથે જાહેર ઉજવણી તરીકે વખાણવામાં આવે છે. શાળાઓ, યુનિવર્સિટીઓ, કાર્યસ્થળો, સમાજની ઇમારતો, સરકારી અને ખાનગી સંગઠનો આ દિવસને સુંદર રીતે ઉજવે છે. આ દિવસે, ભારતના વડા પ્રધાન લાલ કિલ્લા પર રાષ્ટ્રધ્વજ ફરકાવે છે અને ભાષણ દ્વારા દેશને સંબોધિત કરે છે. દૂરદર્શન ટીવી પર (લાઈવ) રીઅલ-ટાઇમમાં આખો પ્રસંગ સંચાર કરે છે.

 

આ ખાસ અવસર પર, ભારતના લોકો ભારતની આઝાદી હાંસલ કરવા માટે મહાપુરુષો અને મહિલાઓના નિઃસ્વાર્થ બલિદાન અને અપ્રતિમ યોગદાનને યાદ કરે છે.  મહાત્મા ગાંધી, જવાહરલાલ નેહરુ, સુભાષચંદ્ર બોઝ, મૌલાના અબ્દુલ કલામ આઝાદ, સરદાર પટેલ અને ગોપાલબંધુ દાસ જેવા નેતાઓને સમગ્ર દેશમાં શ્રદ્ધાંજલિ આપવામાં આવે છે.

        અસંખ્ય અસાધારણ સ્વાતંત્ર્ય સેનાનીઓના પ્રયત્નો વિના ભારત આઝાદી મેળવી શક્યું ન હતું. ભગત સિંહ, ઝાંસીની રાણી, ચંદ્ર શેખર આઝાદ, સુભાષ ચંદ્ર બોઝ, મોહનદાસ કરમચંદ ગાંધી, જવાહરલાલ નેહરુ, રામ પ્રસાદ બિસ્મિલ અને અશફાકુલ્લા ખાન કેટલાક નોંધપાત્ર નામો છે. આઝાદ ભારતના નાગરિક તરીકે દેશની એકતા અને અખંડિતતા જળવાઈ રહે એ આપણી ફરજ છે. દેશની રક્ષા માટે પોતાના જીવના જોખમે સરહદ પર આપણી સુરક્ષા માટે ફરજ બજાવતા જવાનોનું દેશમાં રહેલા દરેક નાગરિકોએ સમ્માન કરવું જોઈએ. દેશને આઝાદી અપાવવા પોતાના બલિદાન આપનાર વીર જવાનોને આપણે ક્યારેય ના ભૂલી શકીએ.            

    બસ, આટલું કહી હું મારા શબ્દોને વિરામ આપું છું. જય હિન્દ


 4 

   સભામાં ઉપસ્થિત તમામ લોકોને મારા વંદન, આજે આપણે બધા દેશની આઝાદીની 76મી વર્ષગાંઠની ઉજવણી કરવા માટે આ સભામાં ભેગાં થયા છીએ. આ દિવસ આપણા બધા  માટે સૌથી ખાસ છે. આજના ભારતે આઝાદીના 75 વર્ષ પૂર્ણ કર્યા છે, જેને આખો દેશ આઝાદી કા મહોત્સવ તરીકે ઉજવી રહ્યો છે. આ પવિત્ર અવસર પર આપણે તે તમામ સ્વાતંત્ર્ય સેનાનીઓને યાદ કરીશું જેમણે દેશની આઝાદી માટે પોતાના જીવનનું બલિદાન આપ્યું હતું. આ બલિદાનોને કારણે જ આપણને સેંકડો વર્ષો પછી બ્રિટિશ શાસનમાંથી આઝાદી મળી છે.

મિત્રો, આજે આપણે જે ત્રિરંગાની છાયામાં ઉભા છીએ તે આપણને જીવન જીવવાની સાચી રીત શીખવે છે. આ ત્રિરંગાની સૌથી ઉપર દેખાતો કેસરી રંગ દેશની તાકાત અને સાહસનું પ્રતિક છે. મધ્યમાં સફેદ રંગ શાંતિ, સંવાદિતા અને તમામ ધર્મોનું સમ્માન કરવાનું શીખવે છે. ત્રિરંગાની સૌથી નીચેનો લીલો રંગ દેશના વિકાસ અને સમૃદ્ધિનું પ્રતિક છે. ધ્વજની મધ્યમાં બનેલું અશોક ચક્ર આપણને સતત આગળ વધવાની પ્રેરણા આપે છે. ભારતની સંસ્કૃતિ તેના ધ્વજમાં જોઈ શકાય છે.

મિત્રો, દરેક ભારતીય માટે તેનો દેશ પહેલો આવવો જોઈએ. ભારત દુનિયાનો સૌથી મોટી લોકશાહી દેશ છે. આપણે અહીંની સંસ્કૃતિ અને સભ્યતાને નમન કરવા જોઈએ. આ શુભ અવસર પર આપણે રાષ્ટ્ર નિર્માણ, દેશનો વિકાસ અને તેનું સન્માન જાળવી રાખવાનો સંકલ્પ લઈએ. સ્વતંત્રતા દિવસના આ શુભ અવસર પર આપ સૌને ખૂબ ખૂબ શુભેચ્છાઓ. ચાલો આપણે આપણી પૂરી શક્તિથી બોલીએ… જય હિન્દ   જય  ભારત.

                                                

फिल्म : काबुलीवाला
संगीतकार : सलिल चौधरी
गीतकार : प्रेम धवन
गायक : मन्ना डे
ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन
तुझपे दिल कुर्बान, तू ही मेरी आरज़ू
तू ही मेरी आबरू, तू ही मेरी जान

माँ का दिल बन के कभी सीने से लग जाता है तू
और कभी नन्हीं सी बेटी बन के याद आता है तू
जितना याद आता है मुझको, उतना तड़पाता है तू
तुझपे दिल कुर्बान...

तेरे दामन से जो आए उन हवाओं को सलाम
चूम लूँ मैं उस ज़ुबां को जिसपे आए तेरा नाम
सबसे प्यारी सुबह तेरी, सबसे रंगीं तेरी शाम
तुझपे दिल कुर्बान...

छोड़ कर तेरी गली को दूर आ पहुंचे हैं हम
है मगर ये ही तमन्ना तेरे ज़र्रों की कसम
जिस जगह पैदा हुए थे, उस जगह ही निकले दम
तुझपे दिल कुर्बान..

Mera Mulk Mera Desh Lyrics in Hindi

मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन,
शांति का उन्नति का प्यार का चमन,
इसके वास्ते निसार है मेरा तन मेरा मन,
ए वतन, ए वतन, ए वतन,
जानेमन, जानेमन, जानेमन,
ए वतन, ए वतन, ए वतन,
जानेमन, जानेमन, जानेमन,
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन,
शांति का उन्नति का प्यार का चमन,
इसकी मिट्टी से बने तेरे मेरे ये बदन,
इसकी धरती तेरे मेरे वास्ते गगन,
इसने ही सिखाया हमको जीने का चलन,
जीने का चलन..
इसके वास्ते निसार है मेरा तन मेरा मन,
ए वतन, ए वतन, ए वतन
जानेमन, जानेमन, जानेमन
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन
अपने इस चमन को स्वर्ग हम बनाएंगे,
कोना-कोना अपने देश का सजाएंगे,
जश्न होगा जिंदगी का, होंगे सब मगन,
होंगे सब मगन..
इसके वास्ते निसार है मेरा तन मेरा मन,
ए वतन, ए वतन, ए वतन,
जानेमन, जानेमन, जानेमन,
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन,
शांति का उन्नति का प्यार का चमन,
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन,
इसके वास्ते निसार है मेरा तन मेरा मन,
ए वतन, ए वतन, ए वतन
जानेमन, जानेमन, जानेमन,
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन,
शांति का उन्नति का प्यार का चमन

Desh Bhakti Geet Lyrics in hindi

फिल्म -: सिकंदर ए आजम
संगीतकार -: हंसराज बहल
गीतकार -: राजेंद्र कृष्ण
गायक -: मोहम्मद रफ़ी

जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़ियां करती है बसेरा
वो भारत देश है मेरा
जहाँ सत्य, अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा
वो भारत देश है मेरा
ये धरती वो जहाँ ऋषि मुनि जपते प्रभु नाम की माला
जहाँ हर बालक इक मोहन है और राधा इक-इक बाला
जहाँ सूरज सबसे पहले आ कर डाले अपना फेरा
वो भारत देश है मेरा…
जहाँ गंगा, जमुना, कृष्ण और कावेरी बहती जाए
जहाँ उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम को अमृत पिलवाये
ये अमृत पिलवाये
कहीं ये फल और फूल उगाये, केसर कहीं बिखेरा
वो भारत देश है मेरा…
अलबेलों की इस धरती के त्योहार भी हैं अलबेले
कहीं दीवाली की जगमग है, होली के कहीं मेले
जहाँ राग-रंग और हँसी-खुशी का चारों ओर है घेरा
वो भारत देश है मेरा…
जहाँ आसमान से बातें करते मंदिर और शिवाले
किसी नगर मे किसी द्वार पर कोई न ताला डाले
और प्रेम की बंसी जहाँ बजाता आये शाम सवेरा
वो भारत देश है मेरा…

संगीतकार : सी. रामचंद्र
गीतकार : कवि प्रदीप
गायक : लता मंगेशकर

Aye Mere Watan Ke Logo Lyrics in Hindi

ए मेरे वतन के लोगों, तुम ख़ूब लगा लों नारा
ये शुभं दिन हैं हम सब का, लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर mat भुलो sema पर, वीरों ने है praan गवाए
कुछ yaad उन्हे भी कर लो, कुछ yaad उन्हे भी कर लो
जो लोट के ghar न आए, जो लोट के ghar न आए…
ए मैरे वतन के लोगो, जऱा आख में भर लो पानी
जो शहिद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो क़ुर्बानी
ऐ मेरे वतन के लोंगो ज़रा आख में भर लो पानी
जो शहिद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो क़ुर्बानी
तुम भुल न जाओ उनको, इसलिए सूनो ये कहानी
जो शहिदों हुए हैं, उनकी, जरा याद करो क़ुर्बानी…
जब ghaayl हुआ हिमालया, ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी सास लड़े वो.जब तक थी सांस लड़े वो, फिर अपनी लास बीछा दी
सगिन पे धर कर माथां, सो गए अमर बलिदानी
जो शाहिद्द हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो क़ुरबानी…
जंब देश में थी दीवालि, वो खेल रहे थे होळी
जब हम बेठे थे घरों में… जब हम बेठे थे घरों में, वो जहेल रहे थे गोली
थे धन्य जवानों वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहिद हुए हैं उनकी, जरा याद करो क़ुर्बानी…
कोई शिख कोई जाठ मराटा, 2
कोई गुर्खा कोई मद्रासी, -2
सर्हद पर मर्नेवाला… सरहद पर मरनेवाला, वो वीर था हिंदुस्थानी
जो खुन गिरा पर्वत पर, वो खुन था भारतवासी
जो शहिद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुरबानी…
थी खुन से लत – पत काया, फीर भी बन्दुक उठाके
10 – 10 को 1 ने मारा, फिर गिर गए होस गंवा के
जब आखिर समय आया तो…. जब अन्त-समय आया तो, कह गए के एब मरतें हैं
खुश रहना देस के प्यारों… ख़ुश रहना देश के पयारों
अब हम तो सफर करते हैं।.. -2
क्या लोग थे वो दिवाने, क्या लोग थे वो अभीमानी
जो शहिद हुए हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी
तुम भूल न जाओ उनको, इस्लिए कही ये कहानि
जो शहिद हुए हैं, उनकी जरा याद करो कुर्बानि
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद की सेना… जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद की सेना..

 देश भक्ति गीत

कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
हां हां…
साँस थमती गई नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
कट गये सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया
मरते मरते रहा बाँकापन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा…
ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं
मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और इश्क़ दोनों को रुसवा करे
वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं
आज धरती बनी है दुल्हन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा…
राह क़ुर्बानियों की न वीरान हो
तुम सजाते ही रहना नये क़ाफ़िले
फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है
ज़िंदगी मौत से मिल रही है
गले बांधलो अपने सर से कफ़न साथियों,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा…
खींच दो अपने खूँ से ज़मीं पर लकीर
इस तरफ़ आने पाये न रावण कोई
तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
छूने पाये न सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियों,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों!!

Tere Mitti Song Lyrics in Hindi

गाना:तेरी मिट्टी
फिल्म:केसरी
गायक:बी प्राक
गीतकार:मनोज मुन्तशिर
संगीतकार:अर्को
तलवारों पे सर वार दिए
अंगारों में जिस्म जलाया है
तब जाके कहीं हमने सर पे
ये केसरी रंग सजाया है
ए मेरी ज़मीं अफसोस नहीं
जो तेरे लिए सौ दर्द सहे
महफूज रहे तेरी आन सदा
चाहे जान ये मेरी रहे न रहे

ऐ मेरी ज़मीं महबूब मेरी
मेरी नस नस में तेरा इश्क बहे
पीका ना पड़े कभी रंग तेरा
जिस्म से निकल के खून कहे

तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरे खेतों में लहरावां

इतनी सी है दिल की आरजू
वो ओ..
सरसों से भरे खलिहान मेरे
जहाँ झूम के भांगड़ा पा न सका
आबाद रहे वो गाँव मेरा
जहाँ लौट के बापस जा न सका

ओ वतना वे मेरे वतना वे
तेरा मेरा प्यार निराला था
कुर्बान हुआ तेरी अस्मत पे
मैं कितना नसीबों वाला था
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरे खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरजू

ओ हीर मेरी तू हंसती रहे
तेरी आँख घड़ी भर नम ना हो
मैं मरता था जिस मुखड़े पे
कभू उसका उजाला कम ना हो

ओ माई मेरे क्या फिकर तुझे
क्यूँ आँख से दरिया बहता है
तू कहती थी तेरा चाँद हूँ मैं
और चाँद हमेशा रहता है

तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरे फसलों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरजू

Hai Preet Jahan Ki Reet Sada Lyrics in Hindi

है प्रीत जहाँ की रीत सदा मैं गीत वहां के गाता हूं

फिल्म : पूरब और पश्चिम
संगीतकार : कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार : इन्दीवर
गायक : महेंद्र कपूर

जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने
भारत ने
मेरे भारत ने
दुनिया को तब गिनती आयी
तारों की भाषा भारत ने
दुनिया को पहले सिखलायी
देता ना दशमलव भारत तो
यूँ चाँद पे जाना मुश्किल था
धरती और चाँद की दूरी का
अंदाज़ा लगाना मुश्किल था
सभ्यता जहाँ पहले आयी
सभ्यता जहाँ पहले आयी
पहले जनमी है जहाँ पे कला
अपना भारत वो भारत है
जिसके पीछे संसार चला
संसार चला और आगे बढ़ा
यूँ आगे बढ़ा
बढ़ता ही गया
भगवान करे ये और बढ़े
बढ़ता ही रहे और फूले-फले
बढ़ता ही रहे और फूले-फले
है प्रीत जहाँ की रीत सदा
है प्रीत जहाँ की रीत सदा
है प्रीत जहाँ की रीत सदा
मैं गीत वहाँ के गाता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ
है प्रीत जहाँ की रीत सदा
काले – गोरे का भेद नहीं
हर दिल से हमारा नाता है
कुछ और न आता हो हमको
हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी सारी दुनिया
ओ
जिसे मान चुकी सारी दुनिया
मैं बात
मैं बात वो ही दोहराता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ
है प्रीत जहाँ की रीत सदा
जीते हो किसी ने देश तो क्या
हमने तो दिलों को जीता है
जहाँ राम अभी तक है नर में
नारी में अभी तक सीता है
इतने पावन हैं लोग जहाँ
ओ
इतने पावन हैं लोग जहाँ
मैं नित-नित
मैं नित-नित शीश झुकाता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ
इतनी ममता नदियों को भी
जहाँ माता कह के बुलाते हैं
इतना आदर इन्सान तो क्या
पत्थर भी पूजे जाते हैं
उस धरती पे मैंने जनम लिया
ओ
उस धरती पे मैंने जनम लिया
ये सोच
ये सोच के मैं इतराता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ
है प्रीत जहाँ की रीत सदा

Mera Rang De Basanti Chola Lyrics in Hindi

मेर रंग दे बसंती चोला
हो आज रंग दे हो माँ ऐ रंग दे
मेर रंग दे बसंती चोला

आज़ादी को चली ब्याहने दीवानों की टोलियाँ
खून से अपने लिखे देंगे हम इंक़लाब की बोलियाँ
हम वापस लौटेंगे लेकर आज़ादी का डोला
मेर रंग दे ...

ये वो चोला है के जिस पे रंग न चढ़े दूजा
हमने तो बचपन से की थी इस चोले की पूजा
कल तक जो चिंगारी थी वो आज बनी है शोला
मेर रंग दे ...

सपनें में देखा था जिसको आज वही दिन आया है
सूली के उस पार खड़ी है माँ ने हमें बुलाया है
आज मौत के पलड़े में जीवन को हमने तौला
मेर रंग दे ...




Mera Rang De Basanti Chola Lyrics in Hindi

मेरा रंग दे बसंती चोला, माए रंग दे
मेरा रंग दे बसंती चोला

दम निकले इस देश की खातिर बस इतना अरमान है
एक बार इस राह में मरना सौ जन्मों के समान है
देख के वीरों की क़ुरबानी अपना दिल भी बोला
मेरा रंग दे बसंती चोला ...

जिस चोले को पहन शिवाजी खेले अपनी जान पे
जिसे पहन झाँसी की रानी मिट गई अपनी आन पे
आज उसी को पहन के निकला हम मस्तों का टोला
मेरा रंग दे बसंती चोला ...

हकीकत / अब तुम्हारे हवाले है वतन साथियों

फिल्म : हकीकत
संगीतकार : मदन मोहन
गीतकार : कैफ़ी आज़मी
गायक : मोहम्मद रफ़ी

कर चले हम फ़िदा, जान-ओ-तन साथीयों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथीयों...

सांस थमती गई, नब्ज जमती गई,
फिर भी बढ़ते कदम को ना रुकने दिया
कट गये सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया
मरते मरते रहा बाँकपन साथीयों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथीयों...

जिन्दा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने की रुत रोज आती नहीं
हुस्न और इश्क दोनो को रुसवा करे
वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं
बाँध लो अपने सर पर कफ़न साथीयों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथीयों...

राह कुर्बानियों की ना वीरान हो
तुम सजाते ही रहना नये काफ़िले
फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है
जिन्दगी मौत से मिल रही है गले
आज धरती बनी है दुल्हन साथीयों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथीयों...

खेंच दो अपने खूँ से जमीं पर लकीर
इस तरफ आने पाये ना रावण कोई
तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
छूने पाये ना सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथीयों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथीयों...


सारे जहाँ से अच्छा लिरिक्स Sare Jahan Se Acha Lyrics in Hindi

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोसिताँ हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलसिताँ हमारा
हमारा..
सारे जहाँ से अच्छा…

ग़ुर्बत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में
समझो वहीं हमें भी दिल हो जहाँ हमारा

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोसिताँ हमारा
हमारा..
सारे जहाँ से अच्छा…

परबत वह सबसे ऊँचा, हम्साया आसमाँ का
परबत वह सबसे ऊँचा, हम्साया आसमाँ का
वह संतरी हमारा.. वह पासबाँ हमारा..
हमारा..

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोसिताँ हमारा
हमारा..
सारे जहाँ से अच्छा…

गोदी में खेलती है.. इसकी हज़ारों नदियाँ
गोदी में खेलती है.. इसकी हज़ारों नदियाँ
गुल्शन है जिनके दम से, रश्केजनां हमारा
हमारा..सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोसिताँ हमारा

हमारा..
सारे जहाँ से अच्छा…

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम… हिन्दी हैं हम.. हिन्दी हैं हम..
वतन हैं.. हिन्दोसिताँ हमारा.. हमारा..

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोसिताँ हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलसिताँ हमारा
हमारा..
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोसिताँ हमाराहमारा..

सारे जहाँ से अच्छा…


चिश्ती ने जिस ज़मीं में पैग़ाम-ए-हक़ सुनाया
नानक ने जिस चमन में वहदत का गीत गाया
तातारियों ने जिस को अपना वतन बनाया
जिस ने हिजाज़ियों से दश्त-ए-अरब छुड़ाया
मेरा वतन वही है मेरा वतन वही है

यूनानियों को जिस ने हैरान कर दिया था
सारे जहाँ को जिस ने इल्म ओ हुनर दिया था
मिट्टी को जिस की हक़ ने ज़र का असर दिया था
तुर्कों का जिस ने दामन हीरों से भर दिया था
मेरा वतन वही है मेरा वतन वही है

टूटे थे जो सितारे फ़ारस के आसमाँ से
फिर ताब दे के जिस ने चमकाए कहकशाँ से
वहदत की लय सुनी थी दुनिया ने जिस मकाँ से
मीर-ए-अरब को आई ठंडी हवा जहाँ से
मेरा वतन वही है मेरा वतन वही है

बंदे कलीम जिस के पर्बत जहाँ के सीना
नूह-ए-नबी का आ कर ठहरा जहाँ सफ़ीना
रिफ़अत है जिस ज़मीं की बाम-ए-फ़लक का ज़ीना
जन्नत की ज़िंदगी है जिस की फ़ज़ा में जीना
मेरा वतन वही है मेरा वतन वही है








benar

 

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